Monday, May 9, 2011

आइने के इंतज़ार मे.

आइना इंसान की आसलियत को दिखाने और समझदार लोगो के समझने के लिए एक शश्कत  माध्यम  है. देश से घोटालो की भरमार आ गई, जिधर भी देखो आम जनता की पसीने की कमाई से बेवफाई के रंगों की होली खेलने वाले लोगो की बेशर्मी  दिखाई दी,चाहे वो नेता हो या अधिकारी किसी ने भी कमी नहीं  की जनता की मेहनत की कमाई को लूट  लूट कर घर भरने का काम बड़ी बेहरमी और बेदर्दी से किया गया,सारी दुनिया ने थू थू की लेकिन देश के इन शर्मदारो को शर्म नहीं आयी, देश की अस्मिता बेहरमी के दर्द से पीड़ित होती रही तो  भी यह देश के ताकतवर ठेकेदार और रखवाले मर्यदायो से खेलते रहे, और सेकड़ो अधिकारी एक दुसरे को कोसते रहे,और सताधारी लोग मुह पर हाथ रखे बेशर्मी से मुस्कुराते रहे, आइने ने भी इनको शर्मसार नहीं किया ,ढेर सारे सवाल आइने की शितिज पर आज भी बिखरे हैं न जाने उन सवालो के जवाब कौन देगा वक़्त और सरकार!

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