Tuesday, May 24, 2011

आंतकवाद के विरुद्ध

हाल की ही घटना (लादेन की मौत) कोई अजूबा नहीं हैं बल्कि एक उपलब्धि हैं एक आवाज हैं अहिंसा की हिंसा के विरुद्ध जन- मानस ही नहीं प्रकर्ति भी हिंसा का विरोध करती हैं , जिन लोगो ने अपने स्वार्थ वंश आम जन- मानस की हत्या का इलज़ाम अपने सर पर लेना हैं उनकी खिलाफ आवाज उठनी चहिये , और यह आवाज आज उठ रही हैं , सारी दुनिया में आज हिंसा कई विरुद्ध , भष्टाचार के विरुद्ध और फेर बाजारी और बेईमानी के विरुद्ध आवाज उठाने का वक़्त अब आ पंहुचा हैं .अब और इंतजार अच्छा नहीं हैं. हम सब के अपने देश व समाज के मजबूत और शश्कत बनाने के लिए मेरा आवाहन हैं की आगे आओ और उखाड़ फेके हिंसा , आतकवाद तथा भष्टाचार को , लोग और वक़्त इंतज़ार में हैं  

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