Thursday, June 9, 2011

कुदरत की ताकत और आदमी की सोच

कुदरत की ताकत यानि प्रकृति की ताकत सर्वोपरि हे आदमी उसको चेलेंज तो करता हैं लेकिन हार जाता हैं , प्रत्यक्ष प्रमाण के लिए जितनी भी देय्विक आप्दै आई उन्हे दुनिया की कोई ताकत रोक नहीं पाई ,कही भूकंप और कही पानी की अथाह लहरे ,चंद मिनटों मे आदमी की ताकत को बोंना बनाकर निगल गयी हलाकि आदमी ने हवाई जहाज से लेकर रोबट तक बना डाला जिसने भी प्रकृति की ताकत को ललकारने का साहस दिखाया लेकिन कुल मिलाकर,प्रकृति जीव ब्रह्मा या भगवन की ताकत सर्वोपरि हे उसका कोई मुकाबला नहीं हैं !

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