जिस देश में शीला की जवानी पर कहकहे उठते हो और नौजवान झूमते हो उस देश के नौजवानों के बारे में कोई ठोस राय बनाना असंभव तो नहीं थोडा कठिन जरुर हैं ,लगातार नेतिकता की ये गिरावट हमारे पतन की प्रतीक दिखती हैं हालांकि हम जयादातर लोग इसे अपना उत्थान मान बेठे हैं मनोरंजन बुरा नहीं हैं लेकिन स्वस्थ मनोरंजन हो तो जायदा मजा आता हैं हालांकि में नौजवान वर्ग की भावनायों के विरुद्ध कभी नहीं रहा लेकिन सचेत करना अपना धरम समझता हूँ !

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