Monday, June 27, 2011

षड़यंत्र !

वास्तव में षड़यंत्र के अंतर्ग्रत कुछ ऐसी घटनाये आती हैं जो वास्तव में दुसरे को धराशयी करने का अवसर ढूंडा जाता हैं जैसा षड़यंत्र पिछले दिनों कांग्रेस सरकार के लोगो ने एक ऐसे सन्यासी के साथ किया जिसने देश के गरीबो के आंसूओ को पहचाना, सुख्ये होंठो की हंसी, व बीमारों की सान्तवना देने का काम किया या कोशिश की उसके  साथ क्या हुआ, क्या होता हैं अंजाम के विरुद्ध आवाज उठाने का अंजाम किस घिनोने रूप में सरकार ने दिया उसको आप सब नें  देखा होंगा !
 अगर आजाद भारत की तस्वीर इसी तरह बिगडने की कोशिश हुकुमरान करती रहे और देश के नौजवान चुप बेठे  बेठे देखते रहे तो लोकतंत्र के खाते को कौन बचायगा खुदा जाने !!

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