राजनैतिक रोटिया सेकने का जितना घिनोना अंदाज़ हमारे मुल्क भारतवर्ष में हैं उतना दुनिया में कही भी नहीं , चाहे बिखरी हुई हिंसात्मक लाशे हो, या बेअबरु होती हुई किसी अबला की कहानी या रेप की शिकार कोई बेबस युवती, हर मोड़ पर राजनीती हैं उसको सरल स्वभाव वाला आम आदमी अंजाम नहीं देता बल्कि समाज मैं अपने आपको सभ्यता के ठेकेदार बताने वाला ही कोई देता हैं , वाह रे इस देश के टी.वी चैनल और मीडिया की लोगों तुम्हारा भी कोई जवाब नहीं तुम घायल को दावा नहीं बल्कि और गहरे घाव देते हो और बाद में उस पर मरहम भी छिड़क देते हो !
अन्ना हजारे और योग गुरु रामदेव इसके ज्वलंत उदाहरण हैं !!!
अन्ना हजारे और योग गुरु रामदेव इसके ज्वलंत उदाहरण हैं !!!
