दुनिया के देशो में लोंकतन्त्र की परिभाषा में कौन देश सही मायने में पूरी करता हैं इस विषय में मेरी समझ कुछ ज्यदा कभी नहीं आया ,बल्कि लोंकतन्त्र का ढोल पीटती हुई दुनिया व्यवस्थाझूठी और बेईमान हैं, लोंकतन्त्र. लोकशाही की परिभाषा हैं, लेकिन दुनिया के पर्त्येक मुल्क में इस व्यवस्था का उपहास अलग अलग किसान की ताक़त के बल पर होता रहा हैं अमेरिका की ताकत की बदसलूकी को देखते हुए लगता हैं की ताकतवर लोग या देश आदिकाल से ही ताकत का दुरपयोग करते रहे हैं, कभी कभी ऐसा महसूस होता हैं की पुराणी कहावत, "जिसकी लाठी भेस उसी की"
Friday, December 16, 2011
कर्म की आवाज
मैं एक कर्मशील व्यक्ति हू रात को थोड़ी देर से यानि १२ बजे तक सोता हू और नियमित सुबह सवेरे ६ बजे जाग जाता हू ये मेरा नियम हैं मैंने अपने कर्म के बल पर बहुत सारे कार्य कर्म के महल बनाये हे, अच्छी-२ फैक्ट्री,अच्छे-२ मकान, दुकान और सारी उपयोगी चीजे बनाई हैं! कर्म हमने भगवान् कृषण की गीता से सिखा हैं, मैंने भी उसी का अनुसरण करके अपने आप को कर्म की परिभाषा के साथ जोड़ा हैं, !!!
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